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समय का महत्व

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जीवन में समय की उपयोगिता पर निबंध  समय एक ऐसी चीज है इसके महत्व को हर कोई जानते हुए भी अनजान बना हुआ है चाहे वह विद्यार्थी जीवन हो या फिर कोई सरकारी नौकरी करने वाला व्यक्ति, लेकिन जो इसके महत्व को जानता है वह करोड़ों की भीड़ में कुछ अलग ही लगता है आज के भागदौड़ वाले जिंदगी में  हमें हर कोई  अत्यंत वयस्थ  दिखाई देते हैं पर क्या वह सच में ही समय के महत्व को जानते हैं इस पर एक गंभीर सवाल है हम अक्सर विद्यार्थियों को देखते हैं कि उन्हें परीक्षा के समय का पता होता है लेकिन फिर भी वह इससे अनजान रहते हैं और अपने समय को सोशल मीडिया और  दोस्तों के साथ मौज मस्ती करने में व्यस्त करते हैं, काम हमेशा अगर समय पर हो तो सबको अच्छा लगता है उदाहरण के लिए अगर आप रेलवे स्टेशन पर जाए और ट्रेन समय पर आए तो आपको अच्छा लगेगा वहीं अगर कोई सरकार द्वारा चलाई गई योजना समय पर आपके पास पहुंच जाए तो आप अत्यंत प्रसन्न होंगे, लेकिन जब बात आपके अपने समय के पालन करने की आती है तो आप उसे नजरअंदाज कर देते हैं और आगे के लिए टाल देते हैं अक्सर हमें काफी दिन बाकी है या फिर काफी समय बाकी है कि बात सुनाई देती है लेकिन सच तो यह

जल संरक्षण

जल बचाओ पर निबंध {Essay on Save Water in Hindi} जल प्रकृति का ऐसा वरदान है जिस पर जीवन का अस्तित्व और हम आज के आधुनिक समय में पहुंच पाए, बिना जल के जीवन के कामना करना ही व्यर्थ है चाहे  हम अपने किसी भी कार्य को पूरा करते हो उसमें जाल प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से विद्यमान होता है, अगर हमारे ग्रह की बात करें तो पृथ्वी ही एक ऐसा ग्रह है जिस पर जल विद्यमान है बाकी बचे हुए ग्रह पर या तो जल मौजूद नहीं है या फिर वह गृह मनुष्य के रहने लायक नहीं है अगर हम अपने ग्रह की बात करें तो यहां धरती के लगभग 70 % हिस्से पर जल विद्वान है, और यह तीन अवस्था में पाया जाता है सॉलिड, लिक्विड, गैस.  धरती पर मौजूद सभी प्रकार के जीव जंतु कौ जीवित रहने के लिए जल की आवश्यकता होती है जल के बगैर कोई भी व्यक्ति  तीन-चार दिन से ज्यादा जीवित नहीं रह सकता। लेकिन आज के आधुनिक दौर में हम इसके महत्व  को लगातार कम करके आंक रहे हैं खास करके हमारे देश भारत में जहां बहुत अधिक मात्रा में जल होने के कारण हमें इसके महत्व का सही ज्ञान नहीं है जबकि कुछ ऐसे देश भी है  जहां जल की बहुत किल्लत है एव पीने लायक जल्दी उचित मात्रा में नहीं

पृथ्वी बचाओ

पृथ्वी बचाओ पर  निबंध {Essay on Save Earth in Hindi} हमारे सौरमंडल में पृथ्वी ही बस ऐसा ग्रह है जहां पर जीवन पनपने  और इसके लगातार आगे बढ़ने के लिए पर्याप्त संसाधन मौजूद है, हमारा पर्यावरण पूरे सौरमंडल में जीवन के लिए अकेला उपयोगी माहौल देता है, पृथ्वी पर उचित मात्रा में जल मौजूद है जो कि जीवन के लिए एक बहुत जरूरी पदार्थ है, वही यहां पर वायु में मौजूद  ऑक्सीजन भी हमारे सांस लेने के लिए पर्याप्त मात्रा में मौजूद है वही  हमारा वायुमंडल जो कि अंतरिक्ष से आने वाले विभिन्न उल्कापिंड तथा सूर्य के खतरनाक रेडिएशन से हमारी रक्षा करता है. धरती ही एक ऐसा ग्रह है जहां पर पेड़ पौधे वन्य जीव जंतुओं की इतनी अद्भुत और विचित्र प्रजातियां देखने को मिलती  हैं यह पेड़ पौधे  धरती के संतुलन को बनाए रखने में बहुत बड़ा योगदान देते हैं, लेकिन पिछले कुछ समय से जिस तरीके से हमने धरती पर मौजूद प्राकृतिक संसाधनों का आवश्यकता से बहुत अधिक इस्तेमाल किया है उसने इस  सुंदर ग्रह को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचाया है. उद्योग धंधों से निकलने वाला खतरनाक जहरीला धुआँ  और  कचरा सीधे हमारे वायुमंडल तथा नदियों  में प्रवेश कर रहा

पृथ्वी बचाओ पर 10 लाइनें

10 Lines on Save Earth in Hindi हमारे सोलर सिस्टम में धरती ही एक ऐसा ग्रह है जिस पर जीवन संभव है इसका मुख्य कारण इसपर मौजूद प्रकृति का अद्भुत संतुलन है बढ़ते वायु प्रदूषण तथा संसाधनों के गैर जिम्मेदार उपयोग की वजह से आज धरती का तापमान बढ़ रहा है इससे हमारे ग्लेशियर पिघल रहे हैं इसके कारण कई देश पर डूबने का खतरा मंडरा रहा है पेड़ों की अंधाधुन कटाई की वजह से पशु पक्षियों की प्रजाति लुप्त हो रही है जिससे कि हमारा प्राकृतिक संतुलन बिगड़ रहा है जोकि जीवन के लगातार विकास के लिए ठीक नहीं है धरती को बचाने के लिए हमें वाहनों का इस्तेमाल तभी करना चाहिए जब अत्यंत जरूरी हो क्योंकि वाहनों से निकलने वाले धुएं से वायु में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा लगातार बढ़ रही है जल के अत्यधिक इस्तेमाल की वजह से धरती मैं मौजूद जल वास्तव लगातार घटता जा रहा है जिससे  कई इलाकों में पीने लायक पानी भी नहीं बचा इस स्थिति से बचने के लिए हमें जल के महत्व को समझना पड़ेगा उद्योग धंधे से निकलने वाला खतरनाक कचरा सीधे जल स्रोतों में गिरने से न केवल जल बल्कि उस में रह रहे जीव जंतु भी प्रभावित हो रहे हैं जिससे  कि जलीय जीवो का

अनुशासन

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अनुशासन पर निबंध तथा जीवन में अनुशासन का महत्व अनुशासन का अर्थ होता है अपने उपर शासन यानी किसी व्यक्ति का अपने ऊपर कितना नियंत्रण है कोई भी काम करते या किसी से भी बोलते समय  एक अच्छा अनुशासित व्यक्ति केवल अपने अनुशासन के बलबूते समाज में अपनी एक पहचान बनाता है और हर किसी से प्रशंसा एवं सम्मान प्राप्त करता है एक सुखी और समृद्ध जीवनयापन के लिए किसी भी व्यक्ति का अच्छे तरीके से अनुशासन में होना अति आवश्यक है अगर कोई व्यक्ति अपने कार्य में सही तरीके से अनुशासित नहीं होगा तो वह उस कार्य पर ध्यान लगाकर काम नहीं कर सकता और ना ही वह अपने द्वारा तय किया गया लक्ष्य पा सकता है हमारे जीवन में अनुशासन के महत्व का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बाल्यकाल से ही अनुशासित रहने की शिक्षा दी जाती है जिसकी शुरुआत हमारे स्कूलों से होती है स्कूल में हर छात्र पूर्ण रूप से अनुशासित होकर समय पर जाता है स्कूल की वर्दी पहनता है जो कि हमें आने वाले समय में समय का पालन और अच्छे रहन-सहन की शिक्षा देता है परिवार में भी अनुशासित व्यक्ति का हमेशा सम्मान होता है जब भी कोई जरूरी निर्णय परिवार के सदस्य द्वारा लिया

खेलो के महत्व

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खेलो के महत्व पर निबंध भारत में अगर खेलों की बात करें तो यहां खेल केवल बालयकाल में ही खेला जाते हैं तथा इनकी तरफ कम ही ध्यान दिया जाता है खासकर माता-पिता अपने बच्चों को खेलों में ज्यादा ध्यान न देख कर पढ़ाई की तरफ ज्यादा ध्यान देने के लिए प्रेरित करते हैं इसकी वजह है भारत में खेलों का स्तर और खेलों के प्रति जागरूकता का ना होना आज के आधुनिक दौर तथा हमारे भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अपने स्वास्थ्य एवं शारीरिक विकास पर ध्यान देना लगभग भूल ही गए हैं जिससे कि हमारा शरीर स्वस्थ एवं मजबूत बना रहे वैसे तो शरीर को स्वस्थ एवं संतुलित रखने के लिए योग, जिम तथा प्रातकाल की सैर शामिल है लेकिन इसमें खेलों का महत्व भी कोई कम नहीं है इसलिए आज हमारे लिए जरूरी है कि हम खेलों के महत्व के बारे में जाने और इससे फायदा का लाभ उठाकर एक स्वस्थ समाज बनाएं खेल के महत्व जब हम कोई खेल खेलते हैं तो हमारा शरीर की मांसपेशियों तथा मस्तिष्क में ऊर्जा का संचार होता है जिससे कि नए केवल खेल खेलते समय आलस खत्म होता है इसके अलावा खेल की समाप्ति के बाद भी हमें बाकी कार्य करने में आलस महसूस नहीं होता आज की भागदौड़ भरी जिंदगी

चारमीनार

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चारमीनार पर निबंध  चारमीनार भारत के दक्षिण मैं स्थित तेलंगाना राज्य के हैदराबाद शहर में है चारमीनार भारत के इतिहास की एक महत्वपूर्ण धरोहर है जिसका निर्माण 1591 ईस्वी में मुहम्मद कुली कुतुब शाह द्वारा कराया गया था चारमीनार की ऊंचाई 160 फीट है चारमीनार का नाम मुख्य रूप से चार और मीनार के शब्दों से मिलकर बना है जिसको हम अंग्रेजी में चार टावर का स्ट्रक्चर भी कह सकते हैं old pic of  charminar चारमीनार का रूप एक वर्क की तरह है और इसके मीनारों की ऊंचाई लगभग एक समान है चारमीनार के निर्माण के बारे में कहा जाता है कि मोहम्मद कुली कुतुब शाह ने प्लेग महामारी जो कि चूहों द्वारा होती है से अपने लोगों को बचाने के लिए चारमीनार का निर्माण कराया था ताकि अल्लाह लोगों की रक्षा कर सकें चारमीनार भारत के साथ-साथ पूरे विश्व में फेमस है हर साल हजारों पर्यटक चारमीनार को देखने आते हैं जिससे कि स्थानीय लोगों के रोजगार के साथ साथ उनकी आमदनी की होती है चारमीनार की सबसे ऊपरी मंजिल पर सीढ़ीयो के द्वारा पहुंचा जा सकता है चारमीनार की मुख्य गैलरी में लगभग 45 लोग एक साथ आ सकते हैं essay on charminar in hindi 

बाल मजदूरी

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बाल मजदूरी पर 300 शब्द में निबंध किसी भी देश में बाल श्रमिकों का होना उस देश की दुर्दशा दिखाता है जितनी भी बाल श्रमिकों की संख्या किसी देश में अधिक होगी उतना ही वह देश मुसीबतों का सामना करेगा, अगर भारत की बात करें तो यहां बाल श्रमिकों की संख्या बहुत ज्यादा है 2011 की जनगणना के आंकड़ों की बात करें तो भारत में हर 25वां बच्चा बाल श्रमिक है और अगर बाल श्रमिक की परिभाषा की बात करें तो कोई भी 14 साल से कम उम्र का बच्चा अगर किसी भी वजह से कोई शर्म करता है तो उसे बाल श्रम कहा जाएगा, किसी बच्चे के बाल श्रम करने की बहुत सारी वजह हो सकती है इसमें परिवार की गरीबी और माता पिता की अपने बच्चों के प्रति अनदेखी या उनका शिक्षा का अभाव भी हो सकता है बाल श्रम की वजह से बच्चा अपना बचपन जी नहीं पाता या कहें बाल श्रम में बच्चे का कोई बचपन नहीं होता, अगर कोई बच्चा अपने बचपन में श्रम करता है तो उसका शारीरिक तथा मानसिक विकास नहीं हो पाता क्योंकि ना तो बच्चा स्कूल जा पाता जिससे कि उसको आज के आधुनिक दौर के बारे में कुछ ज्ञान हो और कम उम्र में इतनी मेहनत करने से उसकी शारीरिक विकास दर भी प्रभावित होती है भारत में क

यातायात के नियम

यातायात के नियमों का पता होना न केवल सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक है बल्कि यह चालान और सजा से भी बचाते हैं अगर हम यातायात नियमों का पालन करेंगे तो इससे सड़क दुर्घटना में भारी कमी आएगी और सड़क पर चलना सुरक्षित बनेगा, सरकार द्वारा दुर्घटनाएं रोकने और नागरिकों को हानि से बचाने के लिए बहुत सारे कानून तथा नियम बनाए गए हैं जिनका उद्देश्य सड़कों पर अनुशासन बनाना तथा गैर जिम्मेदार या लापरवाह ड्राइवरों को चालान द्वारा सही मार्ग पर लाना है आज हम इन्हीं कुछ नियमों को पढ़ेंगे सड़क सुरक्षा नियम शराब पीकर वाहन चलाना शराब पीकर वाहन चलाना भारत में एक दंडनीय अपराध है जिस की अवहेलना करने पर वाहन चालक को जुर्माना तथा सजा हो सकती है इसके अलावा अगर कोई व्यक्ति शराब पीकर या नशे की हालत में वाहन चलाने की कोशिश करता है तो वह भी दोषी माना जाएगा, अगर मोटरसाइकिल अधिनियम 1988 की 150 सी धारा की बात करें तो अगर किसी व्यक्ति के रक्त में 30 मिलीग्राम प्रति 100 मिलीग्राम से अधिक शराब की मात्रा पाई जाए तो वह दोषी ठहराया जाएगा अगर कोई व्यक्ति किसी नशे की हालत वाले व्यक्ति को वहां चलाने के लिए एप्स आता है या वा

सुरक्षित ड्राइविंग के नुस्खे, सड़क सुरक्षा युक्तियाँ

सड़क सुरक्षा आज की बढ़ती दुर्घटनाओं के माहौल में सड़क सुरक्षा और सुरक्षित ड्राइविंग के नुस्खे पता होना अत्यंत आवश्यक है क्योंकि इसी की मदद से हम दुर्घटना जुर्माना चालान या किसी प्रकार के नुकसान अथवा किसी को सड़क पर परेशान किए बगैर अपने निर्धारित स्थान पर सुरक्षित पहुंच सकते हैं अगर सुरक्षित ड्राइविंग को सीधे शब्दों में कहें तो ज्ञान पूर्ण तथा जिम्मेदारी के साथ ड्राइविंग करना कोई भी ड्राइवर बस ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने से अच्छा चालक नहीं बन जाता जब तक वह ड्राइविंग की महत्वपूर्ण तथा अच्छी बातों पर अमल ना करें इसी को ध्यान में रखते हुए आज हम जिम्मेदार और सुरक्षित चालक बनने के कुछ नुस्खे बताएंगे जो सबके लिए अत्यंत सहायक होंगे  सड़क सुरक्षा युक्तियाँ ड्राइविंग करते वक्त हमेशा यातायात नियमों तथा संकेतों का अच्छी तरह पालन करना चाहिए अक्सर हम अगर कोई यातायात कर्मी देख रहा हो तभी सुरक्षा चिन्ह तथा संकेतों का पालन करते हैं अन्यथा गैर मौजूदगी में रेड लाइट पर भी रुकने से हिचकिचाते  हैं‌ अक्सर देखा गया है कि रेड लाइट की स्टॉप रेखा पर भी कुछ लोग धीरे-धीरे वाहन चलाते रहते हैं और जैसे ही लाइट हरी

बाल मजदूरी

बचपन के दिन भी बहुत खास होते हैं किसी ने बचपन में पढ़ाई में कारनामा क्या होता है किसी ने किसी अन्य जगहों में और बचपन के दिन हमेशा ही हमें उत्साह से भर देते हैं क्योंकि वह समय कुछ ऐसा होता है ना कोई सांसारिक चिंता और ना ही भविष्य का पता पर उनका क्या जिनका बचपन ही नहीं होता जी हां हम बात कर रहे हैं बाल मजदूरी की क्योंकि वह इस बदलते संसार में कहीं दूर रह जाते हैं. बाल मजदूरी पर निबंध क्यों महत्वपूर्ण है? बाल मजदूरी देश के लिए बहुत ही गंभीर समस्या है इसीलिए स्कूलों में इसके प्रति जागरूकता के लिए बहुत से कार्यक्रम चलाए जाते हैं इन्हीं में से एक है बच्चों को बाल मजदूरी पर निबंध लिखने के लिए प्रेरित करना क्योंकि जो वह बाल मजदूरी पर निबंध लिखेंगे तो उन्हें बाल मजदूरी का ज्ञान होगा और वह अपने समाज की इन बुराइयों को खत्म कर पाएंगे. हम भी इसका ध्यान रखते हैं इसलिए आपको  बाल मजदूरी से जुड़े हुए अलग अलग निबंध मिलेंगे आप अपने आवश्यकता अनुसार इन निबंधों को अपने कार्यक्रम में जोड़ सकते हैं. बाल मजदूरी  किसी बच्चे का अपने बचपन में मजदूरी करना बाल मजदूरी कहलाता है और उसकी उम्र 14 साल से कम हो, इसका मुख्

डॉक्टर अम्बेडकर पर 10 लाइनें

10 lines on Dr. Ambedkar in Hindi  1. डॉक्टर बी आर अंबेडकर का पूरा नाम भीमराव रामजी आंबेडकर है उनका जन्म 14 अप्रैल 1891 में मध्य प्रदेश राज्य में हुआ था अक्सर उन्हें बाबासाहेब अंबेडकर के नाम से भी पुकारा जाता है 2. डॉक्टर अंबेडकर पहले भारतीय थे जिन्होंने इकोनॉमिक्स में डॉक्टरेट की उपाधि किसी विदेशी संस्था से प्राप्त करी 3. डॉक्टर अंबेडकर भारतीय संविधान के निर्माता कहे जाते हैं क्योंकि वह कॉन्सीट्यूशनल ड्राफ्टिंग कमिटी जिसको भारत का संविधान बनाने की जिम्मेवारी सौंपी गई थी उसके चेयरमैन थे 4. डॉक्टर अंबेडकर की माता का नाम भीमाबाई रामजी सकपाल तथा उनके पिता का नाम रामजी मलोजी सकपाल था Dr Ambedkar के पिता ब्रिटिश इंडिया की आर्मी में मेजर थे 5. डॉक्टर अंबेडकर की शादी सन 1996 रमाबाई आंबेडकर से हुई लेकिन खराब सेहत की वजह से 1975 में उनका निधन हो गया उसके बाद डॉक्टर अंबेडकर ने सविता अंबेडकर से 1948 में विवाह किया 6. डॉक्टर अंबेडकर ने महिला सुधार तथा मजदूरों के लिए बहुत अधिक काम किया तथा उनको उनके अधिकार दिलाने में मदद की 7. डॉक्टर अंबेडकर में भारत में हो रहे जातिगत भेदभाव तथा समाज में गरीब लोगों

स्टेचू ऑफ यूनिटी

 स्टेचू ऑफ यूनिटी पर निबंध स्टेचू ऑफ यूनिटी या कहे एकता की मूरत भारत के गुजरात राज्य के नर्मदा जिले में स्थित सरदार सरोवर बांध के समीप बनाई गई दुनिया की सबसे बड़ी प्रतिमा है जिसकी ऊंचाई 182 मीटर या 597 फीट है जो कि दुनिया में सबसे अधिक है प्रतिमा का निर्माण कार्य 31 अक्टूबर 2014 को श्री सरदार पटेल जी के जयंती दिवस पर प्रारंभ हुआ था और 31 अक्टूबर 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा इसका उद्घाटन अत्यंत भव्य तथा शानदार तरीके से किया गया प्रतिमा का नाम स्टैचू ऑफ यूनिटी सरदार पटेल जी द्वारा भारत को एक करने के किए गए प्रयासों की वजह से रखा गया क्योंकि आजादी के वक्त भारत अलग अलग रियासतों के अधीन था और अगर वह  अपने हिसाब से शासन चलाते तो भारत आज के समय इतना बड़ा देश ना होकर छोटे-छोटे अलग देशों में बटा होता यह सरदार पटेल जी के प्रयास ही थे जिनकी वजह से भारत इतनी धर्मो विविधताओं संस्कृति तथा भाषा का देश होते हुए भी एक साथ आज तक बना हुआ है दुनिया में ऐसा कोई भी देश नहीं है जहां भारत जितनी भाषाएं बोली जाती हो या फिर भारत जितनी संस्कृति कहीं पर मौजूद हो और यह सब सरदार पटेल जी की वजह से ही म

जल प्रदूषण और उसके कारण

सतही जल और भूमिगत जल  सतही जल से तात्पर्य वह जल जो धरती की सतह के ऊपर मौजूद होता है जैसे की कुओं झीलों तथा नदियोंं में पाए जाने वाले जल को हम सतही जल कहेंगे यह जल अलग-अलग कारणों से प्रदूषित हो सकता है जैसे कि फैक्ट्रियों के कचरे जानवरों के मल पेस्टिसाइड या फिर किसी रसायनिक पदार्थ की मदद से | सतही जल का मुख्य कारण बारिश या बाढ़ के पानी का एक जगह पर इकट्ठा हो जाना है अगर स्थाई जल के सबसे बड़े स्थान की बात करें तो वह समुंद्री जल है | अगर भूमिगत जल की बात करें तो यह वह जल है जो धरती के अंदर मौजूद होता है और हम इसे हैंड पंप की मदद से बाहर निकालते हैं भूमिगत जल स्त्रोत तब बनते हैं जब लंबे समय तक भूमि द्वारा जल को सोखा जाता है तथा उसके बाद जल एक ऐसी जगह पर जाकर इकट्ठा हो जाता है जहां के नीचे पथरीली सतह होती है ताकि जल कहीं और ना जा पाए और धीरे-धीरे जल यहां इकट्ठा होकर एक भूमिगत जल स्त्रोत बना देता है जल प्रदूषण  आज के आधुनिक युग ने हमारा रहना काफी सरल बनाया है जितनी प्रगति हमने पिछले 100 सालों में की है उतने तो शायद हजार सालों में भी नहीं की होगी आज बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियों मैं हमारी जरूरत के सा

होली पर 10 लाइनें

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10 Lines on Holi Festival in Hindi 1. होली या रंगो का त्योहार प्रत्येक वर्ष फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है 2. होली हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है जो बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देता है 3. होली का नाम हिरण्यकश्यप की बहन होलीका के दहन की खुशी में मनाया जाता है 4. होली का त्यौहार पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है हर साल लाखों पर्यटक होली मनाने भारत आते हैं खासकर पिछले कुछ सालों से होली का त्योहार विदेशों में बहुत तेजी से प्रसिद्ध हुआ है 5. होली का त्यौहार पिछली सभी मन मोटाव भुलाकर दोबारा नई शुरुआत करने का संदेश देता है 6. होली के दिन सभी सुबह ही एक दूसरे को रंग लगाने लग जाते हैं और तरह तरह के कार्यक्रम का आयोजन करते हैं 7. होली पर एक दूसरे को रंग लगाते हुए सावधानी बरतनी चाहिए और अच्छी गुणवत्ता के रंगों का इस्तेमाल करना चाहिए 8. होली पर अक्सर लोन तेज रफ्तार में वाहन चलाते हुए जाते हैं जिससे दुर्घटना होने का खतरा बढ़ जाता है हमें होली पर सावधानी से काम लेना चाहिए 9. कुछ लोग होली पर नशीले पदार्थों का इस्तेमाल करते हैं जोकि अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है इसलिए ऐसे लोगों से हमेश

पर्यावरण

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पर्यावरण पर निबंध हमारे आसपास मौजूद सभी जीवित और निर्जीव चीजों के मेल को हम पर्यावरण कहते हैं पर्यावरण में सभी तरह के जीव जंतु, पेड़ पौधे तथा वायुमंडल में मौजूद विभिन्न प्रकार की गैस  शामिल है यहां तक की सूर्य का प्रकाश भी हमारे पर्यावरण बनाने में एक मुख्य घटक है अगर सौरमंडल में बाकी ग्रह की बात करें तो केवल धरती पर ही एक सुरक्षित पर्यावरण मौजूद है जिसमें जीवन पनप सकता है | हजारों सालों से यह पर्यावरण मानव जीवन की रक्षा कर रहा है तथा इसी की वजह से आज हम इतने विकसित हो पाए हैं पर्यावरण में मजबूत ऑक्सीजन गैस से हम सांस लेते हैं जो किया जीवन का मूलभूत स्त्रोत है इसके अलावा पेड़-पौधे से हम तथा जीव जंतु फल जड़ी बूटी लेते हैं प्रकृति का यह अद्भुत संतुलन केवल हमारे पर्यावरण की वजह से ही मुमकिन हो पाया है लेकिन पिछले कुछ वर्षों से मनुष्य ने तरक्की की होड़ में पर्यावरण को बुरी तरीके से प्रभावित किया है वाहनों से निकलता हुआ जहरीला धुआं लगातार हमारे पर्यावरण में गुल करे से दूषित कर रहा है पेड़ों की लगातार कटाई की वजह से जीव जंतु के रहने और उनके खाने का संतुलन बिगड़ रहा है पेड़ों की अंधाधुंध कटाई

मोर

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मोर पर निबंध हिंदी में संक्षिप्त जानकारी के साथ मोर भारत का राष्ट्रीय पक्षी है अपनी सुंदरता और धार्मिक महत्व की वजह से यह भारत की संस्कृति में एक विशेष स्थान रखता है भारतीय उपमहाद्वीप में मुख्य रूप से हरे और नीले रंग के मोर पाए जाते हैं अगर भारत की बात करें तो यहां नीले रंग के मोर मौजूद है | मोर की सुंदरता हमेशा से ही कलाकृतियों की पहचान रही है प्राचीन काल से ही मोर के सिक्के, मोर के चित्र के साथ बनी कलाकृतियां तथा वस्त्रों पर छापी गई मोर की आकृति मोर का एक विशेष स्थान दिखाती है मोर पक्षी के बारे में, यह बताता है कि मोर प्राचीन काल से ही आकर्षण का केंद्र रहा है | मोर के सिर पर मुकुट रूपी कलंगी होने के कारण इसको पक्षियों का राजा भी कहा जाता है मोर की शारीरिक बनावट अत्यंत सुंदर होती है लंबी नीली गर्दन मोर को एक विशेष पहचान दिलाती है मोर के लंबे पंख होते हैं जिन पर हरे नीले पीले रंग के  छोटे-छोटे निशान बने होते हैं जो दिखने में किसी सुंदर आंख जेसे लगते हैं जो अत्यंत सुंदर होते हैं मोर का नृत्य अनेक कविताओं की शोभा बढ़ा चुका है आमतौर पर मोर वर्षा  मौसम के दौरान नृत्य करते हैं जो मुख्य रूप

प्रदूषण

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प्रदूषण पर निबंध हमारे आसपास मौजूद पर्यावरण का किसी भी वजह से प्रदूषित होना प्रदूषण कहलाता है इसका मुख्य कारण मानवीय गतिविधियां है जिसकी वजह से प्रदूषण के सतर में बहुत अधिक मात्रा में बढ़ोतरी दर्ज की गई है आज विकास के लिए प्राकृतिक संसाधनों का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल हो रहा है जंगलो की लगातार कटाई हो रही है जोकि हमारे पर्यावरण के लिए अति उपयोगी है क्योंकि पेड़ पर्यावरण में मौजूद कार्बन डाइऑक्साइड लेकर उसमें ऑक्सीजन देते हैं जो हमारे तथा सभी जीव जंतुओं के लिए जीवन जीने का प्राथमिक स्रोत है इसके अलावा पेड़ पौधों की कटाई से भूमि का लगातार कटाव हो रहा है क्योंकि वह है अपनी जड़ों से भूमि को बांधकर रखते हैं आज हमें बिन मौसम बारिश देखने को मिलती है जिसका कारण पेड़ों की कटाई ही है क्योंकि वह वर्षा के लिए उपयोगी होते हैं बदलते रहन सहन की वजह से आज हम किसी भी छोटी से छोटी जगह पर जाने के लिए अपने यातायात के साधन का इस्तेमाल करते हैं जिन से निकलने वाला धुआं पर्यावरण को बहुत अधिक प्रभावित करता है खासतौर पर सड़कों पर मौजूद पुराने वाहन जिनकी ना तो समय पर जांच की जाती है ना ही उन्हें मरम्मत करने योग्

ग्लोबल वार्मिंग

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ग्लोबल वार्मिंग पर निबंध ग्लोबल वार्मिंग का अर्थ है धरती के औसतन तापमान में बढ़ोतरी या फिर कहे धरती के प्राकृतिक संतुलन में अनचाहा बदलाव आना, आज ग्लोबल वार्मिंग एक ऐसा विषय है जिस पर हम कोई बात तो करता है लेकिन कभी भी सही तरीके से इसके बचाव के उपायों का पालन नहीं करता, औद्योगिक क्रांति से ही पूरी दुनिया में उद्योग धंधों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ी है, इसकी वजह से उनसे निकलने वाला धुआं तथा जहरीले पदार्थ सीधे हमारे वायुमंडल में जाते हैं तथा इस वायुमंडल में मौजूद हमारे रक्षा करने वाली वायु की परतों जीने हम ओजोन लेयर भी कहते हैं को हानि पहुंचाते हैं अगर आज के आधुनिक समय की बात करें तो पिछले कुछ सालों में सड़कों पर इतनी तेज गति से वाहनों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है जिससे कि उनसे निकलने वाले धुआं शहरों में लोगों का रहना काफी परिश्रम से भरा कर रहा है इसके अलावा इंसानी गतिविधियां जैसे पेड़ों की लगातार कटाई, उद्योग से निकलने वाले जहरीले रसायनिक पदार्थ को जल में प्रवाहित करना, कोयले से चलने वाले प्लांट, तथा  प्राकृतिक संसाधनों का बहोत अधिक इस्तेमाल इस्तेमाल भी ग्लोबल वार्मिंग के कारण में शामिल

कंप्यूटर और इसके महत्व

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कंप्यूटर पर निबंध कंप्यूटर मानव इतिहास की क्रांतिकारी खोज है जिसने हमारे जीवन जीने के तरीके को बहुत अधिक प्रभावित किया है, खासकर पिछले 20 सालों से तो हम कंप्यूटर के बिना आज के दौर की कल्पना ही नहीं कर सकते, आज चाहे आप बैंक में कोई काम करने जाएं या एटीएम में पैसे निकलवाने या फिर कोई विद्यालय या नौकरी का फार्म ही क्यों न भरना हो हर जगह कंप्यूटर काम आता है हम कंप्यूटर में इंटरनेट की मदद से दुनिया के एक कोने से दूसरे कोने मे बैठे किसी व्यक्तियों के साथ बहुत आसानी से बात कर सकते हैं जिस काम को करने में पहले बहुत अधिक परिश्रम और बहुत अधिक लोगों की आवश्यकता होती थी आज वह काम कंप्यूटर की वजय से बहुत कम समय में हो जाता है लेकिन यह एकदम नहीं हो पाया इसके लिए वैज्ञानिकों द्वारा सालों तक शोध और कठिन परिश्रम किया गया, इसी का परिणाम आज हम देख्ते है कि पहला कंप्यूटर जो एक कमरे जितने आकार का होता था आज हमारे हाथ में पकड़ कर चलने वाले साइज का हो गया है यहां तक कि आजकल टच स्क्रीन कंप्यूटर का जमाना है अगर हम मोबाइल फोन की बात करें तो वह भी कंप्यूटर क्रांति की ही देन है इन सभी बातों से यह जाहिर हो जाता है