Ghalib

किसने कहा नहीं आती वो बचपन वाली बारिश,
हम ख़ुद अब काग़ज़ की नाव बनाना भूल गए,

बारिश तो अब भी बारिश है, 
हम अपना ज़माना भूल गए...!!

आज बाजार बंद है
योंकी आप नजर बंद है

एक जुम्मा भी निकल गया
आपका कजरा कहाँ बंद है

आप जो नजर ना आए
सबकी कटारें मंद हैं 

मास्टर जी को नाप दे जाओ
अरे उनकी सिलाई मशीन भी बंद है

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इश्क का तो पता नही
हम तो उनके...
अंदाज़ के दीवाने थे।
वो उफ्फ्फ्फफ कहती थी
और हम फ़ना हो जाते थे।

शौक तो नहीं था तब 
मोहब्बत का हमें।
पर नज़रें तुमसे मिली 
तो हम भी शौक़ीन हो गये।

अपने अपनों की चाहत में 
ये दुनिया दीवानी है,
किसी आँख में हँसी घुली है, 
किसी आँख में पानी है,
हमको जिससे प्यार हुआ 
वो किसी और को चाह रही। 
सबके किस्से अलग-अलग हैं, 
सबकी अलग कहानी है।

जान लेने पे... 
तुले हे दोंनो मेरी। 
इश्क हार नही मानता 
दिल बात नही मानता।

एक ही चेहरे की अहमियत...
हर एक नजर में अलग सी क्यूँ है...

उसी चेहरे पर कोई खफा...
तो  कोई  फिदा  सा  क्यूँ  है...
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वो कहते रहे...
कभी इंतज़ार मत करना।
में इजहार करू... 
तो कभी ऐतबार मत करना।
उन्होंने ये भी कहा 
कि उन्हें प्यार नही हमसे।
ओर ये भी कह गए 
कि किसी ओर से प्यार मत करना।

हम नादान अच्छे हैं 
दुनिया के समझदार लोगों से,
हम अपने ख्वाब जरुर तोड़ते हैं 
पर किसी का दिल नहीं।

बहुत ही ​खूबसूरत ​
लम्हा​ था वो…
जब उसने कहा था।
मुझे​ ​तुमसे​ ​मोहब्बत​ ​है​ 
​और​ ​तुमसे​ ​ही​ ​रहेगी​।

जिस शख़्स की... 
ग़लती- "ग़लती'' न लगे।
किताब-ए-इश्क़ में इसे...
"महबूब" कहते हैं।
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वाक़ई पत्थर दिल ही होते हैं दिलजले शायर,

वर्ना अपनी आह पर वाह सुनना कोई मज़ाक नहीं...

कल खो दिया आज के लिये 
आज खो दिया कल के लिये, 
कभी जी ना सके हम आज..आज के लिये,
बीत रही है जिदंगी, कल आज और कल के लिये!

घमण्ड किसी का नही रहा...

टूटने से पहले तक,

गुल्लक को भी लगता है,

सारे पैसे उसी के है ......

मत बनो हमेशा मजबूती की मिसाल, 
कभी कभी कमजोर होना भी  
दिल को हल्का कर देता है !! ❤️

अभी सूरज हुआ नही जरा-सी शाम तो होने दो
मै खुद लौट जाऊंगा जरा नाकाम तो होने दो
मुझे बदनाम करने का बहाना ढूढता है जमाना
मै खुद हो जाऊँगा बदनाम पहले मेरा नाम तो होने दो.
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आज महफिल सजी तो हर किसी ने
अपना अपना मुद्दा उठाया है,
किसी ने खुद को किसी ने खुदा को,
किसी ने इश्क को,किसी ने लड़के को
तो किसी ने लड़की को गलत बताया है,
हवस तो जोरों पर थी,
मानो शराब के साथ चखने को भी लाया गया हो,
वो खुदा भी बचा नही,
उसे भी कटघरे मे लाया गया है,
इंसानों ने ही इंसान से इंसानों का सच छुपाया गया है,
गलीमत है हम नशे मे ज्यादा धुत्त थे
वरना हमको भी इस महफिल मे बहुत उकसाया गया हैं।
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मुकम्मल सा ख्वाब था वो
पर क्या करे ख्वाब था वो
आखिर टूटनी ही थी नींद एक दिन...

प्यार को जानते थे बस
रूबरू तो तब हुए हम... 
  
जब खामोशी भी बोलने लगी 
और उसे भी लोग
समझने लगे...

किसी को इतना ना चाहो
की वो आदत बन जाए,,
और फिर वो चाहत बन जाए
फ़िर एक दिन वो चाहत, 
जरूरत बन जाए,,
क्युकी जरूरी नहीं हर जरूरत 
पूरी ही हो जाए...
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मुस्कुराहट का क्या है, 
गैरों से भी वफा कर लेती है।❣️

अभी तो रण में आया हूँ
यहां कई जीत बाकी हैं
कि ख़ुद से जीत जाने की 
अभी एक रीत बाकी है।

मुस्कराने की आदत नहीं है जरूरत है 

क्योकि सुना है रोने वालों को लोग

ज़्यादा रुलाया करते हैं...

सुनो ना,

पलके उठाओ, 

नज़रे चुराओ, आंखे मिलाओ, जुल्फे गिराओ,

सलीके से उठाओ,

ज़रा इश्क़ करके तो देखो,
सुनो ना,
ज़रा भूल करके तो देखो,
थोड़ा मुझपे मरके तो देखो...
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कितने चेहरे हैं इस दुनिया में,
मगर हमको एक चेहरा ही नज़र आता है। 
दुनिया को हम क्यों देखें,
उसकी याद में सारा वक़्त गुज़र जाता है।

हसकर जीना दस्तूर है जिंदगी का
इक यही किस्सा मशहूर है जिंदगी का। 
बीते हुए पल कभी लौट कर नहीं आते
यही सबसे बढ़ा कसूर है जिंदगी का॥

मेरे इकरार को वो मेरा प्यार समझ बैठी,
मेरी मोहब्बत को वो मेरी प्यास समझ बैठी,

जब बोलता रहा झूठ तो सच समझती रही,
और जब सच बोला तो मजाक समझ बैठी ।

आंसू जानते है कौन अपना है, 
तभी अपनों के आगे निकलते है ।
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हारने की आदत सी हो गयी है,

न जाने क्यूँ ये जिंदगी क़यामत सी हो गयी है। 

पता है किधर जाना है मुझे,

ये जान कर भी गलत राह पर 

चलने की आदत सी हो गयी है। 

ऐसा लगता है की हार चूका हूँ मै सब कुछ,

फिर भी मुकद्दर को बदलने की चाहत सी हो गयी है।।

खुद को इतना भी मत बचाया कर, 
बारिशें हो अगर तो भीग जाया कर। 
चाँद लाकर कोई नहीं देगा तुझको, 
तू खुद अपने चेहरे से ही जगमगाया कर।

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सभी को सुख देने की क्षमता 
भले ही आप के हाथ में न हो..

किन्तु किसी को दुख न पहुँचे, 
यह तो आप के हाथ में ही है.


ज़िंदगी में हर एक का एक सपना होता है
पर क़िस्मत का खेल देखो 
वो सपना टूट जाता है 
या तो उसे पूरा करने का समय छूट जाता हे

सब्र और सहनशीलता
कोई कमजोरियां नहीं होती है
ये तो अंदरुनी ताकत है
जो सब में नहीं होती।

हमें भी शिकायत हुआ करती थी 
कभी इन दर्द भरे नगमो से 
लेकिन आजकल इसमें 
हम भी अपना अक्श पाते हैं

मत सोच रे बंदे 
इतना ज़िंदगी के बारे में

जिसने ज़िंदगी दी है 
उसने भी तो कुछ
सोच रखा होगा तेरे बारे में।


आँखों में कोई ख़्वाब सुनहरा नहीं आता
इस झील पे अब कोइ परिन्दा नहीं आता

हालात ने चेहरे की चमक छीन ली वरना
दो-चार साल में तो ब़ुढापा नहीं आता

मुद्त से तमन्नाएँ सजी बैठी हैं दिल में
इस घर में ब़डे लोगों का रिश्ता नहीं आता

इस दर्जा मसायब के जहन्नुम में जला हूँ
अब कोइ भी मौसम हो, पसीना नहीं आता

मैं घर में बैठा ये सोच रहा हूँ
इस दौर में आसानी से पैसा नहीं आता

वो कौम की तक़दीर बदलने को उठे हैं
जिन लोगों को बचपन से ही क़लमा नहीं आता

बस तेरी मुहब्बत में चला आया हूँ वरना
यूँ सबके बुला लेने से 'में ' नहीं आता

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