परिश्रम का महत्व

परिश्रम का महत्व 


परिश्रम का हमारे जीवन में अत्यंत महत्व होता है और परिश्रम ही एक ऐसा शब्द है जो कुछ ही समय में एक फकीर को धनवान और धनवान को फकीर बना सकता है बस फर्क इतना है कि धनवान परिश्रम करना छोड़ दें और फकीर परिश्रम करना शुरू कर दें,

परिश्रम करने वाला व्यक्ति कभी भी भाग्य पर ज्यादा निर्भर नहीं होता और न ही इसके बारे में ज्यादा सोचता क्योंकि भाग्य भी एक दिन परिश्रम करने वाले का साथ जरूर देगा है और उसे अपना लक्ष्य मिल ही जाएगा,

जबकि आलसी व्यक्ति चाहेगा की उसका भाग्य साथ दे और वह रातों-रात धनवान और समृद्ध बन जाए इसके लिए वह अपने मूल्य एवं विचारों का त्याग करने के लिए भी तैयार होता है जबकि परिश्रमी व्यक्ति हमेशा ही अपने सिद्धांतों और मूल्यों पर डटा रहता है

परिश्रम का सबसे सही उदाहरण हमें परीक्षा के समय देखने को मिलता है जब पूरे वर्ष पढ़ाई में परिश्रम करने वाला विद्यार्थी हमेशा अव्वल आता है और किस्मत, नकल और परीक्षा से दो-चार दिन पहनने पढ़ने वाला विद्यार्थी केवल औसत दर्जे के अंक प्राप्त करता है कई बार तो है परीक्षा में उत्तीर्ण भी नहीं हो पाता,

 हमने बचपन से ही रस्सी द्वारा पत्थर पर बार-बार जाने से उस पर निशान पड़ने के बारे में मुहावरा  जरूर सुना होगा, उसे भी हम  परिश्रम के रूप में देख सकते हैं कि बार-बार प्रयास और  परिश्रम  करने से नामुमकिन काम भी मुमकिन हो जाता है

परिश्रमी व्यक्ति और आलसी व्यक्ति की सोच में जमीन आसमान का फर्क होता है क्योंकि परिश्रमी व्यक्ति हमेसा ही परिश्रम करके देश और समाज को आगे ले जाने के बारे में सोचता है वहीं आलसी व्यक्ति को हमेशा ही कुछ चमत्कार की अपेक्षा रहती है

 आज दुनिया के कुछ देश बहुत अमीर है तो कुछ बहुत गरीब उसके पीछे भी वहां के लोगों तथा नेताओं का दृढ़ संकल्प और परिश्रम ही है कुछ देश तो 10  -15 साल में ही इतना विकास कर जाते हैं कि दुनिया में उनका उदाहरण दिया जाता है उनके पीछे केवल परिश्रम और दृढ़ निश्चय ही होता है तो इसलिए हमेशा ही  परिश्रम को महत्व देना चाहिए क्योंकि जब आप परिश्रम करते हैं तो आप खुद तो संतुष्ट होते  ही है वही दूसरों को भी संतुष्ट करते हैं.
importance of hard work essay
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