आम

आम पर निबंध

आम को फलों का राजा कहते हैं यह भारत के साथ साथ फिलीपींस पाकिस्तान का भी राष्ट्रीय फल है जिससे कि इसकी महत्वता का पता चलता है इसके साथ आम का पेड़ बांग्लादेश का राष्ट्रीय पेड़ है आम के पेड़ अत्यंत भारी तथा विशालकाय होते हैं इनकी ऊंचाई 40 मीटर तक हो सकती है आम के पेड़ का जीवन कॉल अत्यंत लंबा होता है कुछ पेड़ तो 300 सालों तक फल देते हैं समय के साथ साथ आम के पेड़ का तना चौड़ा होता जाता है

आम मुख्य रूप से दो चीजों से मिलकर बना होता है एक है गुठली जिसको हम बीज कह सकते हैं इसे फेंक दिया जाता है या फिर औषधि के लिए इस्तेमाल किया जाता है  बाकी बचे हिस्से को हम खा लेते हैं जो अत्यंत स्वादिष्ट होता है


mango

आम कच्चा होने पर हरे रंग का होता है लेकिन जैसे जैसे वह बठता रहता है उसका रंग पीला या फिर हल्के लाल रंग जैसा हो जाता है भारतीय उपमहाद्वीप में पूरी दुनिया के आधे से भी अधिक आम उगते हैं अगर भारत की बात करें तो यहां विश्व के 50% से भी ज्यादा आम होते हैं

क्योंकि आम मौसमी फल है इसलिए जैसे ही आम का मौसम आता है तो चारों और बाजारों में आम ही आम दिखाई देने लगते हैं मानो ऐसा लगता है कि और सारे फल गायब ही हो गए हो

इस दौरान विभिन्न तरह के आम बाजारों में आते हैं कोई आम चुस कर खाने वाला होता है तो कोई काट कर खाने वाला होता है इसके अलावा आम का अचार आम का मुरब्बा तथा आम की चटनी बनाकर घरों में रख लिए जाते हैं जीने खाने के साथ परोसा जाता है

आम को बड़ी-बड़ी कंपनियां अपने पास जमा करके रख लेती हैं जिनको आम का सीजन जाने पर बोतलबंद आम का रस बाजारों में बेचा जाता है आम के आकार की बात करें तो इसका आकार अलग अलग होता है आम की कुछ वैरायटी काफी बड़ी होती है तथा कुछ काफी छोटी होती है

आम के उत्पादन में सबसे अग्रणी राज्य उत्तर प्रदेश है जो देश के लगभग एक चौथाई आमों का उत्पादन करता है वहीं आंध्र प्रदेश कर्नाटक गुजरात जैसे राज्य की आम के उत्पादन में अग्रणी है

लेकिन अगर आम के विदेशों में भेजने की बात करें तो भारत मैं दुनिया के आछे से ज्यादा आम होने पर भी भारत ज्यादा आम नहीं भेज पा रहा इसका मुख्य कारण भारत में आम की लोकप्रत्यता है जिसकी वजह से ज्यादातर आम यहीं पर ही विकृत हो जाते हैं

essay on mango
essay on mango

    No comments:

    Post a comment