आतंकवाद

आतंकवाद पर निबंध

आतंकवाद की वैसे तो कोई एक परिभाषा नहीं है क्योंकि अलग अलग देश अपने हिसाब से आतंकवाद को परिभाषित करते हैं अगर किसी देश में कोई संगठन उनके लिए उपयोगी है और किसी दूसरे देश के लिए खतरनाक है तो वह उसकी निंदा नहीं करते और उसे अपने देश में पनपने देते हैं इसी की वजह है कि आज भी आतंकवाद के मुद्दे पर दुनिया की राय एकजुट नहीं है लेकिन अगर इसको सरल भाषा में समझे तो आतंकवाद यानीकि बिना कोई वाद-विवाद के लोगों के दिलों में आतंक के जरिए डर का माहौल बनाना ताकि उनके जीवन में तरह तरह की परेशानियां उत्पन्न हो, पिछले एक दो दशक से आतंकवादी हमलों की वजह से दुनिया के विभिन्न देश इसकी चपेट में आ चुके हैं या उन पर इसका खतरा मंडरा रहा है जिससे कि उस देश पर अत्यंत भयंकर परिणामों का खतरा मंडरा रहा है

आज दुनिया के अलग-अलग कोनों में अलग अलग नाम से आतंकी संगठन कार्यरत है जो कि समय-समय पर आतंकी हमले करते रहते हैं जिससे वह देश जान माल की भारी हानि उठाता है आतंकवाद का मुख्य कारण शिक्षा का अभाव बहुत अधिक जनसंख्या एवं लोगों में अपने सरकार के प्रति असंतुलन है जबकि कुछ राजनीतिक तथ्य भी आतंकवाद को प्रोत्साहन देते हैं

लेकिन अक्सर यह भी देखा जाता है कि शिक्षित व्यक्ति भी आतंकवाद की गतिविधि में शामिल होने के लिए तैयार होता है या फिर गतिविधि में पाया जाता है जिस के विभिन्न कारण हो सकते हैं जिसमें बेरोजगारी गरीबी एवं धार्मिक लगाव भी शामिल है

लेकिन ऐसे व्यक्तियों को यह नहीं पता होता कि दुनिया का कोई भी धर्म किसी भी व्यक्ति वस्तु  की हानि करने की इजाजत नहीं देता और ऐसा करने वाले व्यक्तियों का अंत बहुत ही नजदीक होता है लेकिन वह इस तरह से बकाए जाते हैं कि उनको वापस सही मार्ग पर लाना लगभग नामुमकिन हो जाता है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले कुछ समय में मानव बम की वजह से सैकड़ों निर्दोष लोगों की जानें गई है

अगर भारत में आतंकवाद की बात करें तो हम भी आतंकवाद से काफी लंबे समय से जूझ रहे हैं और इसकी वजह से काफी नुकसान झेल चुके हैं मुंबई में हुआ 26 नवंबर का आतंकी हमला कोई कैसे भूल सकता है जिसे में सैकड़ों निर्दोष लोगों की जाने चली गई थी इसके अलावा बॉर्डर पर लगातार आतंकवादी घटनाएं होती रहती है जिससे कि, हम हमारे काफी जवानों को खो चुके हैं और उन्हें काफी परेशानी झेलनी पड़ती है इसका कारण कुछ पड़ोसी देशों द्वारा आतंकवादियों को आम लोगों के प्रति प्रेरित करना है जिससे कि वह उस देश की अर्थव्यवस्था एवं छवि को वैश्विक स्तर पर हानि पहुंचा सकें एव वहां के लोगों में डर का माहौल उत्पन्न हो सके

लेकिन वह यह भूल जाते हैं कि कुछ समय बांध वह खुद ही उसका शिकार बन जाएंगे

आतंकवाद निबंध का निष्कर्ष

आतंकवाद के इन सभी पहलुओं को जानने के बाद हम कह सकते हैं कि आतंकवाद किसी भी देश के लिए अत्यंत हानिकारक है और हमें इसके लिए एकजुट होकर काम करना चाहिए इसके लिए हमें चाहिए कि हम राजनीतिक कारणों से ऊपर उठकर देश के बारे में सोचें, एवं अच्छी शिक्षा प्राप्त करें ताकि देश का कोई भी नागरिक किसी के बहकावे में ना आ सके एवं सम्मान के साथ अपना जीवन यापन कर सके इसके अलावा हमें देश के विभिन्न समस्याओं के प्रति अत्यंत निराश होने की जगह अच्छी शिक्षा एवं नए-नए रास्ते खोज कर इन समस्याओं को दूर करने के प्रयास करने चाहिए ना कि इन समस्याओं को कोसना चाहिए

अगर कोई भी ऐसा व्यक्ति जो देश के बारे में गलत राय रखता है ऐसे व्यक्तियों को दरकिनार करना चाहिए ताकि वह अपना प्रभाव हम पर ना बना सके तभी यह सुंदर ग्रह सुंदर रहेगा और मानवता का विकास होगा

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