दहेज प्रथा

दहेज प्रथा पर निबंध


आज के आधुनिक और इंटरनेट के युग में दहेज प्रथा एक ऐसा कलंक है जो कि आज भी देश में मौजूद है इसकी सबसे बड़ी वजह समाज का शिक्षित ना होना, यह शिक्षा किताबी शिक्षा नहीं बल्कि बल्कि सामाजिक शिक्षा है, भारत में आज भी  पुराने रीति रिवाज, और  पुरुष प्रधान समाज मौजूद है जिसमें हम स्त्रियों को एक भोज  और गुलाम की तरह देखते हैं इसके अलावा मन का लालच और शिक्षित होते हुए भी लड़कियों को पूर्ण स्वतंत्रता न  मिलना है, बचपन से ही लड़कियों के रहन-सहन पहनावे पर सवाल उठाए जाते हैं और उनको दबाया जाता है जिससे कि एक अजीब सी सोच उत्पन्न हो जाती है जो कि आगे चलकर समाज में भेदभाव लाती है क्योके बच्चे जल के तरह चंचल होते है उन्हे जैसा बनाओगे वो वैसे ही बनेगे।

दहेज के प्रभाव का इसी से अनुमान लगाया जा सकता है कि लड़की के माता-पिता अपने संपूर्ण जीवन के परिश्रम से अरिजीत बहुत बड़े धन का हिस्सा दहेज में दे देते हैं, कुछ खबरों में तो दहेज नहीं मिलने पर लड़की के साथ प्रताड़ना एवं मां बाप को जलील करना भी सुनता है, अगर दहेज प्रथा को खत्म करना है तो इसके लिए हमें दृढ़ संकल्प होना पड़ेगा, हमें अपने लड़कियों को निडर, साहसी  बनाना होगा ताकि वह अपने आप को किसी पर बोझ ना समझे और अपना जीवन सम्मान से जी सकें, तभी हम अपने आप को आधुनिक समय का व्यक्ति कह पाएंगे।

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