ग्लोबल वार्मिंग

ग्लोबल वार्मिंग पर निबंध


ग्लोबल वार्मिंग का अर्थ है धरती के औसतन तापमान में बढ़ोतरी या फिर कहे धरती के प्राकृतिक संतुलन में अनचाहा बदलाव आना, आज ग्लोबल वार्मिंग एक ऐसा विषय है जिस पर हम कोई बात तो करता है लेकिन कभी भी सही तरीके से इसके बचाव के उपायों का पालन नहीं करता,

औद्योगिक क्रांति से ही पूरी दुनिया में उद्योग धंधों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ी है, इसकी वजह से उनसे निकलने वाला धुआं तथा जहरीले पदार्थ सीधे हमारे वायुमंडल में जाते हैं तथा इस वायुमंडल में मौजूद हमारे रक्षा करने वाली वायु की परतों जीने हम ओजोन लेयर भी कहते हैं को हानि पहुंचाते हैं

अगर आज के आधुनिक समय की बात करें तो पिछले कुछ सालों में सड़कों पर इतनी तेज गति से वाहनों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है जिससे कि उनसे निकलने वाले धुआं शहरों में लोगों का रहना काफी परिश्रम से भरा कर रहा है इसके अलावा इंसानी गतिविधियां जैसे पेड़ों की लगातार कटाई, उद्योग से निकलने वाले जहरीले रसायनिक पदार्थ को जल में प्रवाहित करना, कोयले से चलने वाले प्लांट, तथा  प्राकृतिक संसाधनों का बहोत अधिक इस्तेमाल इस्तेमाल भी ग्लोबल वार्मिंग के कारण में शामिल है

यह सब किसी ने किसी वजह से हमारे पर्यावरण को तो हानि पहुंचाते ही हैं इसके साथ ही हमारे जलीय तथा भूमिया जीव जंतुओं को भी लुप्त होने के कगार पर पहुंचा रहे हैं इन सभी गतिविधियों की वजह से आज धरती का तापमान अत्यंत चिंताजनक रूप से बड़ा है

कुछ देश तो आने वाले 20 साल में पानी में समा जाने की हालत में पहुंच चुके होंगे इसका कारण हमारे ध्रुव तथा पर्वतों की चोटियों पर मौजूद ग्लेशियरों का तेज गति से पिघलना है क्योंकि धरती का तापमान बढ़ रहा है तो इन जगह पर भी तापमान बढ़ रहा है और बर्फ पिघल रही है

हमारे उत्तर तथा दक्षिण ध्रुव पर रहने वाले जीव जो हजारों सालों से अपने वजूद को जिंदा रखे हुए थे वह भी पिछले 100 सालों में हुए इंसान गतिविधि की वजह से बहुत तेजी से लुप्त हो रहे हैं आज बेमौसम बारिश या बारिश का होना हमारे गतिविधियों तथा ग्लोबल वार्मिंग के कारण ही है

इसके लिए हमें चाहिए की आज इंटरनेट की मायावी सोशल मीडिया की दुनिया से निकलकर थोडे समय अपने सुंदर ग्रह के लिए परिश्रम करें तथा पेड़ पौधे लगाए और जितना हो सके वाहनों का तब इस्तेमाल करें जब जरूरी हो एवं वर्षा के जल को संग्रह करे ताकि हम जरूरत पड़ने पर इसको इस्तेमाल कर सकें

essay on global warming in hindi
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