बाल मजदूरी

बाल मजदूरी पर 300 शब्द में निबंध

किसी भी देश में बाल श्रमिकों का होना उस देश की दुर्दशा दिखाता है जितनी भी बाल श्रमिकों की संख्या किसी देश में अधिक होगी उतना ही वह देश मुसीबतों का सामना करेगा,

अगर भारत की बात करें तो यहां बाल श्रमिकों की संख्या बहुत ज्यादा है 2011 की जनगणना के आंकड़ों की बात करें तो भारत में हर 25वां बच्चा बाल श्रमिक है

और अगर बाल श्रमिक की परिभाषा की बात करें तो कोई भी 14 साल से कम उम्र का बच्चा अगर किसी भी वजह से कोई शर्म करता है तो उसे बाल श्रम कहा जाएगा,

किसी बच्चे के बाल श्रम करने की बहुत सारी वजह हो सकती है इसमें परिवार की गरीबी और माता पिता की अपने बच्चों के प्रति अनदेखी या उनका शिक्षा का अभाव भी हो सकता है

बाल श्रम की वजह से बच्चा अपना बचपन जी नहीं पाता या कहें बाल श्रम में बच्चे का कोई बचपन नहीं होता,

अगर कोई बच्चा अपने बचपन में श्रम करता है तो उसका शारीरिक तथा मानसिक विकास नहीं हो पाता क्योंकि ना तो बच्चा स्कूल जा पाता जिससे कि उसको आज के आधुनिक दौर के बारे में कुछ ज्ञान हो और कम उम्र में इतनी मेहनत करने से उसकी शारीरिक विकास दर भी प्रभावित होती है

भारत में कुल एक करोड़ से ज्यादा बाल श्रमिक है जोकि बहुत से देशों की जनसंख्या से भी अधिक है

बाल श्रमिक हमे हर जगह दिख जाते हैं चाहे कोई होटल हो या फिर कोई दुकान पर हम उन्हें अनदेखा कर देते हैं जिसकी वजह से सरकार की बाल श्रम रोकने की बहुत सारी योजनाएं आज तक सफल  नहीं हो पाई

माता पिता को भी अपने बच्चों को बाल श्रमिकों के बारे में जानकारी देनी चाहिए नय की उनसे गृणा करनी चाहिए

क्योंकि किसी का बाल श्रमिक होना उसकी गलती नहीं बल्कि उस समाज की गलती है जिसने उसे बाल श्रमिक बनाया.



इन सभी बातों से आज हम यह प्रण लेते हैं कि किसी बाल मजदूर को घृणा की दृष्टि से नहीं देखेंगे और हमेशा उसकी मदद करेंगे बाल मजदूरी को कम करने के लिए तभी हमारा देश आगे बढ़ पाएगा

child labour hindi essay
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