मेरा पसंदीदा त्योहार दीवाली

पूरी दुनिया में भारत त्योहारों के देश के रूप में प्रसिद्ध है क्योंकि यहां जितने त्यौहार मनाए जाते हैं उतने शायद ही दुनिया के किसी देश में मनाए जाते हो,

यही कारण है कि हमारी संस्कृति पूरी दुनिया के लोगों का ध्यान आकर्षित करती है ,

वैसे तो हर त्यौहार की अपनी अलग अहमियत होती है, और त्योहार खुशियां और अमन का माहौल लेकर आता है,

लेकिन मुझे दिवाली का त्यौहार सबसे अच्छा लगता है इसका कारण है कि दिवाली के साथ हैं कई त्योहारों एक साथ आते हैं और काफी दिनों तक बाजारों में रौनक लगी रहती है, खासकर घरों की साफ-सफाई पर वेसश ध्यान दिया जाता है नई-नई चीजें खरीदी जाती है ,

अगर मैं दिवाली की बात करूं तो एक दिन पहले ही छोटी दीवाली को बधाइयां आनी शुरू हो जाते हैं जिसका सिलसिला अगले दिन दिवाली तक चलता है,

हर कोई नए वस्त्र पहनकर सज धज कर रहता है,

इसके बाद दोस्त रिश्तेदार मिठाईयां लेकर अपने चाहने वालों को बधाई देने के लिए उनके घर जाते हैं ,

रात का वक्त दिवाली का सबसे अच्छा समय होता है सभी लोग माता लक्ष्मी की पूजा कर कर अपने घरों के बाहर दीए जलाते हैं,

इसके अलावा घर और पूरा बाजार रोशनी से भरा होता है वहीं बच्चे आतिशबाजी करने में व्यस्त होते हैं,

वहीं कुछ लोग घर में परिवार के साथ बैठकर बातें करते हुए खाना खाते हैं जोकि बहुत अच्छी बात है क्योंकि बिजी भरी जिंदगी में दिवाली के छुट्टी वाले दिन ही सबको इकट्ठा होने का मौका मिलता है, इससे रिश्तो की मजबूती बढ़ती है

जबकि कुछ लोग दिवाली को जुआ खेलने और शराब पीने का दिन समझ कर इस दिन की शोभा कम करते हैं,
ऐसे व्यक्ति से हमेशा दूर रहना चाहिए और अगर आपकी रिस्तेदारी में कोई ऐसा करता है तो उसे समझाना चाहिए। ,

दिवाली पर अक्सर हम आतिशबाजी पर बहुत ज्यादा पैसे खर्च करते हैं जोकि अच्छी बात नहीं है, हमें जितना कम हो सके उतना ही पटाखे बजाने चाहिए,

क्योंकि दिवाली के दिन पटाखों की वजह से पक्षियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है, और वायु प्रदूषण भी बहुत ज्यादा होता है

इसलिए हमें दिवाली पर एक पेड़ लगाकर लोगों में जागरूकता फैलाने चाहिए, ताकि हम इसी तरह भविष्य में भी यह खुशियों का त्योहार दिवाली बना सकें।


Essay On my Favourite Festival diwali in Hindi

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