यातायात के नियम

यातायात के नियमों का पता होना न केवल सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक है बल्कि यह चालान और सजा से भी बचाते हैं अगर हम यातायात नियमों का पालन करेंगे तो इससे सड़क दुर्घटना में भारी कमी आएगी और सड़क पर चलना सुरक्षित बनेगा, सरकार द्वारा दुर्घटनाएं रोकने और नागरिकों को हानि से बचाने के लिए बहुत सारे कानून तथा नियम बनाए गए हैं जिनका उद्देश्य सड़कों पर अनुशासन बनाना तथा गैर जिम्मेदार या लापरवाह ड्राइवरों को चालान द्वारा सही मार्ग पर लाना है आज हम इन्हीं कुछ नियमों को पढ़ेंगे

सड़क सुरक्षा नियम

शराब पीकर वाहन चलाना

शराब पीकर वाहन चलाना भारत में एक दंडनीय अपराध है जिस की अवहेलना करने पर वाहन चालक को जुर्माना तथा सजा हो सकती है इसके अलावा अगर कोई व्यक्ति शराब पीकर या नशे की हालत में वाहन चलाने की कोशिश करता है तो वह भी दोषी माना जाएगा, अगर मोटरसाइकिल अधिनियम 1988 की 150 सी धारा की बात करें तो अगर किसी व्यक्ति के रक्त में 30 मिलीग्राम प्रति 100 मिलीग्राम से अधिक शराब की मात्रा पाई जाए तो वह दोषी ठहराया जाएगा अगर कोई व्यक्ति किसी नशे की हालत वाले व्यक्ति को वहां चलाने के लिए एप्स आता है या वाहन चलाने के लिए देता है तो वह भी उतना ही दोषी पाया जाएगा इतना की शराब पीकर वाहन चलाने वाला

गति सीमा का उल्लंघन करना

सड़क पर न्यूनतम तथा अधिकतम गति सीमा का उल्लंघन करना एक दंडनीय अपराध है और अगर कोई व्यक्ति इसका पालन नहीं करता तो वह दोषी ठहराया जाएगा क्योंकि अधिकतम गति वाले वाहन ना तो स्वयं नियंत्रण रखते हैं और सड़क पर चलने वाले बाकी वाहनों का भी नियंत्रण खराब करते हैं वहीं दूसरी ओर कम गति में वाहन चलाने वाला व्यक्ति सड़क पर यातायात को बाधित कर देता है अगर मोटरसाइकिल अधिनियम की बात करें तो उसकी धारा 183 के तहत किसी को तेज गति में वाहन चलाने के लिए प्रेरित करना भी एक दंडनीय अपराध है

खतरनाक वाहन चालन

सड़क सुरक्षा में चूक का एक और मुख्य कारण वाहन को खतरनाक तरीके से चलाना भी है इसी को ध्यान में रखते हुए मोटर यान अधिनियम की धारा 184 के तहत अगर कोई व्यक्ति सड़क पर अन्य वाहनों को सम्मान दिए बगैर खतरनाक और ऐसे तरीके से वहां चलाता है जिससे कि सड़क पर अन्य वाहन तथा पैदल चलने वालों के लिए जोखिम प्रकट हो तो वह दोषी माना जाएगा इसके अलावा किसी व्यक्ति को उसके महान को खतरनाक तरीके से चलाने के लिए उकसाने पर भी समान दंड का प्रावधान है

हेलमेट ना पहनना

दो पहिया वाहन चलाते हुए हेलमेट पहनना ना केवल सुरक्षा की दृष्टि से अच्छा है बल्कि यह दंड से भी बचाता है किसी भी श्रेणी की मोटरसाइकिल पर सवार चालक को हेलमेट का इस्तेमाल करना जरूरी है
अगर किसी व्यक्ति को चिकित्सा अधिकारी द्वारा हेलमेट ना पहनने का परामर्श दिया गया है तो उसे हेलमेट पहनने से छूट मिल सकती है या फिर अगर कोई व्यक्ति पगड़ी धारी Sikh है तो उसे भी हेलमेट में छूट दी जाएगी

मोबाइल फोन का इस्तेमाल

अगर दो पहिया वाहनों की दुर्घटना का सबसे मुख्य कारण की बात करें तो वह मोबाइल का इस्तेमाल है ऐसा देखा गया है कि वाहन चलाते हुए भी व्यक्ति फोन उठाते हैं तथा उठाने के बाद भी वाहनुए बात करते रहते हैं इसके अलावा उनका ध्यान भी सड़क पर अच्छी तरह नहीं रहता और वह अन्य वाहनों के लिए परेशानी का कारण बन जाते हैं एक चीज को ध्यान में रखते हुए मोबाइल पर बात करना एक अपराध है

वाहन चलाते समय धूम्रपान करना

धूम्रपान का सेवन स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक हानिकारक है और यह हानि कई गुना तक बढ़ जाती है जब कोई व्यक्ति वाहन चलाते समय धूम्रपान का सेवन करता है क्योंकि वह ना तो खुद अच्छी तरीके से सड़क पर अपना ध्यान रख पाता और बाकी लोगों को भी गलत संदेश देता है इसीलिए अगर कोई व्यक्ति वाहन चलाते हुए धूम्रपान करता है तो लाइसेंस प्राधिकारी वाहन चालक के लाइसेंस को अयोग्य घोषित कर सकता है

दौड़ या गति प्रशिक्षण करना

सड़क पर किसी भी तरह की वाहनों की दौड़ या उसका प्रशिक्षण करना गैरकानूनी है क्योंकि तेज गति से चलने वाले वाहन किसी के लिए भी हानिकारक हो सकते हैं और ऐसा देखा गया है कि एक दूसरे से आगे निकलने की होड़ में अक्सर चालक दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं वाहनों की दौड़ की अनुमति केवल मानव के दौड़ स्थान पर ही दी जाएगी

बिना पंजीकरण अथवा बीमा के वाहन चलाना

किसी भी वाहन का बिना पंजीकरण कराएं उसका इस्तेमाल करना एक दंडनीय अपराध है परंतु ऐसा कोई वाहन अगर किसी आपदा के समय या फिर किसी को वश पताल पहुंचाने या दवाई लाने के लिए इस्तेमाल किया जाए तो वह दंडनीय अपराध नहीं माना जाएगा बस उसकी सूचना परिवहन अधिकरण के सचिव को देनी पड़ेगी, अगर किसी वाहन को बिना बीमा की भी चलाई जाए तो वह भी एक निर्णय अपराध कहलायेगा इसीलिए अपने वाहन का बीमा कराके‌ रखना चाहिए

आपातकालीन वाहन

सड़क पर एक जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए जरूरी है कि आपातकालीन वाहनों का सम्मान करें इसके लिए जब भी कोई आपातकालीन वाहन जैसे एंबुलेंस या अग्निशामक सेवा वाहन की आवाज सुने तो सड़क के एक किनारे हो जाना चाहिए आपातकालीन वाहन को देख कर संयम से काम ले और उसे रास्ता दें कई बार अचानक ब्रेक लगाना या फिर अचानक मोड़ भी सड़क सुरक्षा में बाधा डालता है कई बार देखा गया है कि नासमझ व्यक्ति आपातकालीन वाहन का पीछा करते हैं या फिर उसको ओवरटेक करने की कोशिश करते हैं ऐसा कभी नहीं करना चाहिए

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