जल संरक्षण

जल बचाओ पर निबंध {Essay on Save Water in Hindi}


जल प्रकृति का ऐसा वरदान है जिस पर जीवन का अस्तित्व और हम आज के आधुनिक समय में पहुंच पाए, बिना जल के जीवन के कामना करना ही व्यर्थ है चाहे  हम अपने किसी भी कार्य को पूरा करते हो उसमें जाल प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से विद्यमान होता है,

अगर हमारे ग्रह की बात करें तो पृथ्वी ही एक ऐसा ग्रह है जिस पर जल विद्यमान है
बाकी बचे हुए ग्रह पर या तो जल मौजूद नहीं है या फिर वह गृह मनुष्य के रहने लायक नहीं है अगर हम अपने ग्रह की बात करें तो यहां धरती के लगभग 70 % हिस्से पर जल विद्वान है, और यह तीन अवस्था में पाया जाता है सॉलिड, लिक्विड, गैस.

 धरती पर मौजूद सभी प्रकार के जीव जंतु कौ जीवित रहने के लिए जल की आवश्यकता होती है जल के बगैर कोई भी व्यक्ति  तीन-चार दिन से ज्यादा जीवित नहीं रह सकता।

लेकिन आज के आधुनिक दौर में हम इसके महत्व  को लगातार कम करके आंक रहे हैं खास करके हमारे देश भारत में जहां बहुत अधिक मात्रा में जल होने के कारण हमें इसके महत्व का सही ज्ञान नहीं है जबकि कुछ ऐसे देश भी है  जहां जल की बहुत किल्लत है एव पीने लायक जल्दी उचित मात्रा में नहीं मिलता, इसका कारण इंसान इन गतिविधियों एवं संतुलन के साथ छेड़छाड़ है.

लगातार बढ़ते प्रदूषण और धरती के तापमान से हमारे ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं जो  पीने लायक जल के बहुत बड़े स्रोत है इसके अलावा जल का बहुत अधिक मात्रा में प्रदोष व्रत होना, खास करके नदियों में गिरने वाले उद्योग धंधे तथा  कृषि में उपयोग होने वाले रसायन सीधे तौर पर जल को दूषित कर रहे हैं

 इसकी वजह से जल में रहने वाले जीव बहुत तेजी से खत्म हो रहे हैं बहोत अधिक प्रजातियां तो  लगभग लुप्त  तो हो गई है उनमें से अधिकतर हमारे धुरवो में रहने वाले जीव है,

जल के अंधाधुंध इस्तेमाल की वजह आज काफी जगह पर जल स्तर बहुत नीचे चला गया है इसकी वजह से बाकी लोग तो स्थापित हो ही रहे हैं वह भूमि में कृषि योग्य नहीं रही

इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए हमें जल के महत्व को समझना चाहिए और वर्षा ऋतु जल का संग्रह करना चाहिए

 आज के आधुनिक दौर में जल को फिल्टर करने वाले बहुत से उपकरण  आ चुके हैं सरकार को चाहिए कि उनका सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तथा जल की लगातार बर्बादी से बचा जा सके क्योंकि अगर हम इस समय में जल का संरक्षण नहीं करेंगे तो भविष्य में काफी तकलीफों का सामना करना पड़ सकता है

इसीलिए अब थोड़ा सा परिश्रम करके आने वाले बड़े खतरे को डालने में हमें अपना योगदान देना चाहिए।

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